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Tuesday, 21 April 2020

April 21, 2020

पृथ्वी पर का सबसे खतरनाक ज़हर cyanide का स्वाद केसा है कभी सोचा है?Adolf Hitler के सिवा किस-किस को मारा cyanide ने?

पृथ्वी पर का सबसे खतरनाक ज़हर cyanide  का स्वाद केसा है कभी सोचा है?Adolf Hitler  के सिवा किस-किस को मारा cyanide ने?



दूसरे विश्वयुद्ध के खत्म होने के बाद जब Britain की सेना Adolf Hitler के बनकर में पोहोची तो उन्हों ने देखा की Hitler और उनकी पत्नी Eva के शब ज़मीं पर पड़े थे । पास में पड़ी ज़हरीली बोतल इस बात का सबुत थी की Hitler और उनकी पत्नी ने आत्महत्या की है और आत्महत्या करने के लिए उन्हों ने Cyanide का इस्तेमाल किया है। उसी तरह से computer के जनक Allen Turing की लास भी उनके कमरे में सुभे मिली तो उनके पास के table के ऊपर आधा खाया हुआ सेब पड़ा था जिनमे से उन्हों ने सिर्फ एक ही bite खायी थी । दरअसल Allen अपने सेब में Cyanide डाला था ।(कहा जाता है की Apple के logo का idea भी Steve Jobs को उस आधे खाये हुए सेब की वजह से ही मिला था । Apple के logo के बारे में ज़्यादा जानने के लिए यहाँ click करे )


एक Swedish chemist Carl Wilhelm  ने potassium cyanide 1782 में एक chemical reaction से बनाया तब से ले कर 224 साल तक दुनिया के सबसे खतरनाक ज़हर का स्वाद रहस्य ही रहा । 2006 में एक भारतीय K P Tyagi नामक व्यक्ति की suicide की खबर मिली जब डॉक्टर ने suicide note की जाँच की तो डॉक्टर की आंखे चौंक उठी । suicide note में लिखा था "Doctors, potassium cyanide . I have tasted it. It burns the tongue and tastes acrid," यानि potassium cyanide मेने चखा है, यह जीभ में जलन पैदा करता है और स्वाद में कड़वा है । बस यह गुमनाम व्यक्ति के इन्ही शब्दो ने 224 साल पुराने भेद  को खोल के रख दिया ।
Allen Turing

Potassium Cyanide सीधे सादे बंधारण वाला ज़हर है जिसमे एक अणु potassium का दूसरा अणु carbon का और तीसरा अणु nitrogen का एक दूसरे से सामन्य sigma bond से जुड़े हुए है । Cyanide के इतने खतरनाक होने की वजह मानव जठर में रहा hydroelectric acid के साथ हो रहा Cyanide का मिश्रण है । Cyanide को खाने वाला इंसान मुश्किल से सिर्फ 7 से 8 सेकंड ही ज़िंदा रह पाता है । इसी वजह से ही इतने सालो तक Cyanide का स्वाद मानव जात से छुपा रहा।

मानव इतिहास में कई बड़ी बड़ी हस्तियों ने अपने जीवन का अंत करने के लिए Cyanide की मदद ली हे उनमे से Adolf Hitler और Allan Turing( Highly recommended movie : The Imitation Games ) के आलावा NAZI वायु सेनापति Herman Oring , Hitler के उत्तराधिकारी Henris Himlar, श्रीलंका के सेकड़ो तमिल टाइगर जिनमे राजीव गाँधी को मारने का सडयंत्र करने वाले Jasson Attom भी शामिल है ।


FYI:


Cyanide को hydrogen peroxide से decompose किया जा सकता है मगर यह अफ़सोस की बात है की मरने वाले के पास इतना समय नहीं बचता इसी लिए suicide  के सौखीनो के लिए Cyanide पहली पसंद है😉 ।





April 21, 2020

राम मंदिर के निर्माण से आपको क्या फायदा है ? क्या आपकी जीवन सैली में ज़रा सा भी बदलाव लाएगा राम मंदिर?




  • 6 दिसंबर का दिन था 1993 का साल चल रहा था । अपनी पार्टी के गृह मंत्री रहे L K Advani अपनी कार में कुछ सुरक्षा कर्मिओ के साथ सफर कर रहे थे। अपना सफर पूरा होने से पहले ही कुछ पुलिस कर्मचारीओ ने अडवाणी की कार को बिच में ही रोक लिया गया और आडवाणी को जेल ले जाया गया । अडवाणी को अगवा करने का परिणाम एक उग्र विरोद्ध और दंगो फसाद में बदल जायेगा यह सायद ही तत्कालीन सरकर ने सोचा था । विश्व हिन्दू परिसद और RSS दूसरी और बीजेपी और तीसरी और विश्व हिन्दू परिसद ने सभी ने मिल कर 1980 में राम मंदिर निर्माण का प्रथम विचार जनता के सामने रखा था । 1993 में 6 दिसम्बर को यह प्रथम रैली थी जो अडवाणी सम्बोधित करने वाले थे । 

6 दिसंबर की ऐतिहासिक तस्वीर
Image Courtesy : India Today

  • लाल कृष्णा अडवाणी की गिरफ़्तारी की वजह से संभावित रैली की सभी भीड़ ने उग्र स्वरूप ले लिया। सालो से चल रहे बाबरी मज़ीद और राम मंदिर के विवाद का फैसला खुद लेने के लिए विश्व हिन्दू परिसद के कुछ लोग बाबरी मज़ीद के गुम्बज पर चढ़े और मिट्टी और चुने से बनी मज़्जिद को गिराने में ज़्यादा वक्त नहीं लगा। कम सुरक्षा बल की वजह से प्रशासन भी इन लोगो को रोकने में नाकाम रहा । यह पूरी घटना में कुल मिला कर 68 लोगो को दोषी करार दिया गया और सभी को गिरफ्तार किया गया ।


  • ओशो कहते थे की धर्म जितना जन संहार पृथ्वी पर कोई युद्ध भी नहीं कर पाया है । यह घटना के बाद पुरे देश में जो दंगे फसाद हुए उसमे कुल मिला कर 2000 लोगो की जान गई जिसमे हिन्दू और मुसलमान दोनों शामिल थे । जिसकी बुद्धिमत्ता ज़रा सी भी ज़िंदा है और अभी तक कोई धर्म की जीनके दिमाग में परत नहीं चढ़ी है उनके ज़हन में यह सवाल जरूर आता है की क्या मज़्जिद और मंदिर इतने भी ज़रूरी है की लोगो का मरना भी उनके लिए सहज है ?



  • विवादीद तौर पे राम मंदिर दुनिया का सबसे विवादीद मंदिर होगा जिसके लिए इतने सारे लोगो ने जान गवाई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बात करे तो स्वाभाविक तौर पर फैसला राम मंदिर के पक्ष में ही आने वाला था क्यों की वैज्ञानिक नजरीऐ से देखा जाये तो पुरातत्व विद्दो को विवादित जगह पर खुदाई करने पर बहोत सारे पुराने अवशेष मिले जिसमे मंदिर के बड़े बड़े स्तम्भ पे मिली पुरानी मुर्तिया है। 
राम जन्म भूमि न्यास में रखा संभावित राम मंदिर का Model  

  • पुरातत्व विद्दो के मुताबिक हिन्दू विवादित जगह पर सालो से पूजा करते आ रहे है । जमीन में खुदाई करते वक्त जिस मंदिर के अवशेष मिले है वह 12 सदी में बनाया गया था वैसा पुरातत्व विद्दो को कार्बन डेटिंग की मदत से पता चला है । यह मंदिर के निर्माण के बाद हिन्दू सालो से यह मंदिर के अंदर राम की पूजा कर रहे थे । बाबर के भारत आने के बाद यह मंदिर गिरा कर उसके ऊपर मज़्जिद बना दी गई । दुःख की बात यह है की 1528 में बनाई गई यह मज़्जिद इस्लामिक नियमो के चलते एक मस्जिद है भी या नहीं यह कहना मुश्किल है । फिर भी हमारे देश में यह विवाद 400 सालो से चल रहा है । यह हमारे  लोगों की बेवकूफी का प्रत्यक्ष प्रमाण है ।



  • चाइना और अमेरिका से वाक्क विवाद करने में कुछ नहीं रखा है यह भारत की नयी पिढ्ढी को अच्छी तरह से मालूम है । भारत का बड़ा वर्ग जोकि 35 की उम्र से निचे है वह अच्छी तरह से जनता है की राम मंदिर बनने से हमारी निजी जिंदगी में कुछ फर्क नहीं आएगा । क्या राम मंदिर बनने से गरीबी हटेगी? राम मंदिर बनने से क्या भारत के लोग ज़्यादा स्मार्ट बन जायेंगे? राम मंदिर बनने से भारत के लोगो की इंटेलिजेंस बढ़ेगी? जैसे अमेरीका पूरी दुनिया पर अपनी मॅनेजमेन्ट स्किलस और विज्ञानं में महारत की वजह से पूरी दुनिया पर राज कर रहा है वह बढ़ेगी?



  • सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है, और यह फैसला राम मंदिर के पक्ष में आया है यह भलेही एक खुसी की बात है उन लोगो के लिए जो राम मंदिर बनाने के लिए बहोत प्रयास कर रहे थे मूल तौर पे RSS और रामलल्ला पंथ अपना पूरा जोश लगा रहे थे राम मंदिर के लिए । यह सभी बातो और घटनाओ के चलते मेरे मन में यह प्रश्न उठ रहा है की यह विवादित जगह के मुद्दे पर भले ही सभी पार्टयों ने और छोटे छोटे पक्ष ने और मुस्लिम समुदाय ने बोहोत सारे प्रयास किये पर क्या वाकई में राम मंदिर हम और आप जैसे आम लोगो की जीवन सैली में बदलाव लाएगा ? यह बड़ी सोच का विषय है । 


FYI :


इतिहासकारो के मुताबिक राम इस भारत भूमि पर चले थे यह निश्चित बात है । राम ने वनवास के बाद अयोध्या में करीबन 30 साल तक राज किया । शास्त्र  कहते है की राम एक नूट्रल राजा थे जो केवल प्रजा के बारेमे सोचते थे । उन्हों ने अपने बारे में कभी नहीं सोचा । दक्षिण में रामसेतु के पथरो की कार्बन डेटिंग से पता चला है की यह सेतु करीबन 7000 साल पुराना है और पूर्ण तौर से मानव निर्मित है जोकि सबसे बड़ा प्रमाण है राम के होने का । दूसरी और रामेश्वर सबरी स्थान और भरत मिलान स्थान सब प्रमाण देते है की राम ने 12 साल तक कठिन वनवास में आधे भारत में भ्रमण भी किया था ।


Photo Courtesy : Google

April 21, 2020

Perfectly balanced, as all things should be. कर रही है पृथ्वी अपने आप को रीस्टार्ट।


समय के चलते मेने कही बार इस बारे में सोचा है । पर्यावरण से मेरी सहानुभूति का बोहोत दूर का करीबी रिश्ता है । कही बार मेने अपनी साम डूबते सूरज को देख कर यह सोचते गुजारी है की अगर सिर्फ एक दिन के लिए यह पूरी दुनिया रुक जाये तो वह दृस्य केसा होगा? और उसके चलते प्यारी धरती माता कैसे खिलखिलाएगी? हा में विज्ञान का चाहक होते हुए भी धरती को अपनी माँ कह रहा हु उसके पीछे भी कई वजह है, विज्ञान के साथ साथ में भारतीय प्राचीन विज्ञान और भारत की अति वैज्ञानिक सस्कृति का भी चाहक हु ।



 इंसानो द्वारा दीमक की तरह खाई जाने वाली पृथ्वी के लिए Corona Virus का outbreak एक सुवर्ण काल की तरह है। दुनिया में 196 से भी ज़्यादा देश पूरी तरह से lock down  घोषित किये जा चुके है और दुनिया की लगभग आधी से भी ज़्यादा आबादी अपने घरो में कैद है । इंसानो का पृथ्वी के वातावरण के साथ खेल उन्ही पे भारी पड़ता नज़र आ रहा है । जब सभी देशो के बिच अपने-अपने carbon  footprint  को कम करने की चर्चा हुई थी तब सभी देशो ने अपने-अपने विकास का बहाना दे कर बात को रफा-दफा कर दिया था । आज वह सभी शक्तिसाली देश एक छोटे से वायरस के आगे घुटनो पर आ गए है । 

When I’m done, half of humanity will still exist। Perfectly balanced, as all things should be


ऐसा लग रहा है की thanos  का यह वचन corona  virus  अपने चेहरे पे व्यंगय स्मित ला कर दोहरा रहा है। बार-बार hang हो रही अपनी system की वजह से पृथ्वी ने अपने आप restart  का बटन corona  virus  की मदद से दबा दिया है। पूरी दुनिया का traffic एक जटके में 70 -80  percent  तक कम हो गया है। दिल्ही जैसे महानगरों में कभी न थम ने वाला ज़हरीला traffic एक जटके में 10 % हो गया है । हिमालय की पहाड़िया 8 -10 km  दूर से भी दिख रही है ।


अपने जीवन के अंतिम काल गीन रही कुछ प्राणियों और पक्षियों की प्रजातियां  फिर से दिखाई दे रही है। मछलियों का लगातार शिकार होने की वजह से कम हो रही प्रजातियां मत्स्य उद्योग बंध होने की वजह से फिर से अपना वंश बढ़ा रही है । अति मात्रा में carbon consumption  की वजह से ख़राब हो पड़ी ozone की परत अपने आप को फिर से धक् रही है ।

 हरोज़ बहार का ज़हरीला  खाना खाने वाली 50 % आबादी अब घर में पोस्टिक आहार ले रही है । घूमने और traveling के खर्चे बाहर हर वीकेंड में खाने के खर्चे, entertainment के खर्चे चीन जैसे देशो में तो ज़िंदा खाए जाने वाले जानवरो तक सब ठहर सा गया है। विष्व की सभी बड़ी बड़ी फ़ैक्टरिया बंद हो चुकी है सभी उद्योग और tourism भी बंध पड़े है। शुद्ध वातावरण आज कल अपनी balcony से अपने फेफड़ो तक महसूस किया जा सकता है। यह सब किस की वजह से ? सिर्फ 600 Nano Meter के एक virus की वजह से। अपने घमंड में चूर हो चुके इंसानो के एक ही thanos की चुटकी काफी है । फिर पृथ्वी भी चुटकी बजा कर थोड़े व्यंगात्मक स्मित देते हुए कहेगी Perfectly balanced, as all things should be

FYI :

NASA की report के अनुसार ozone परत अपने आप को 95 % तक repair कर चुकी है ।

200 से 250 के बिच में रहने वाला नई दिल्ही का Air Quality Index एका - एक 75-77 तक गिर गया है ।

जाने अपने शहर का AQI
www.aqi.in

Image Source : Google
April 21, 2020

हज़ारो साल पहले जब महामारी बनी एक महासत्ता के लिए वरदान और दूसरी के लिए अभिशाप !

430BC का समय ग्रीस की राजधानी Athens के लिए आज भी एक मनहूस सालो में से एक माना जाता है । प्राचीन ग्रीस वही साम्राज्य है जहा आज इटली स्थित है।


435 से लेकर 430 BC Athens के लिए बहुत ही महत्व पूर्ण साल थे । यह वही दौर था जब Athens  साम्राज्य अपने चरम पर था और एक तौर पे वह प्राचीन ग्रीस की महासत्ता था । जिसको हराना नामुमकिन था । एक और दूसरी उभरती हुई महासत्ता था Sparta जो वही दौर में महासत्ता बनने के लिए बल पूर्वक प्रयास कर रहा था ।


कहा जाता है की "Damaged kingdoms are dangerous because their people know very well that how  to survive"। बोहोत सारे आक्रमण झेल कर शक्तिसाली बने Athens को हराना स्पार्टा जैसे उभरते शक्तिसाली राज्य के लिए नामुमकिन था । लेकिन कभी कबार इतिहास इसतरहा से करवटे लेता है की जहा पर "Common Sense" कारगर नहीं होती । वह समय Athens  के साथ  भी ऐसा ही कुछ हुवा । 430 BC आते-आते Athens  में ऐसी महामारी फैली जिसकी वजह से Athens  में 80000 - 100000 लोगो की जान गई । उस दौरान Athens  के सभी सिपाहि और राज्य महामारी से मरने वाले लोगो की देखभाल में रहे और दूसरी और महासत्ता बनने के सपने देख रहे Sparta  ने मौका देख कर हमला कर दिए । महामारी से त्रस्त वह बेजोड़ राज्य और ग्रीस की महासत्ता माना जाने वाला वह देश स्पार्टा के साम ने हार गया ।



अभी आप सोचेंगे की यह कहानी आज क्यों मुझे याद आ रही है । दरअसल आज कल पूरी दुनिया में भी हालत कुछ इसी तरह के है । एक और है कही अरसे से महासत्ता का ताज पहना हुआ अमेरिका और दूसरी और है महासत्ता बनने के सपने देख रहा चीन । यह दोनों महासत्ताओ में कई अरसे से आंतर  खिचाई हो रही है जिसकी साक्षी पूरी दुनिया है । दुनिया में TOP  10  में से 8  कम्पनिया अकेले अमेरिका की है । दुनिया में सबसे ज्यादा economical  व्यवहार भी dollar  से होते है जोकि अमेरिका की सत्तावर currency है। UN  में जोभी decisions  लिए जाते है वह america  की इज़ाज़त के बिना नहीं लिए जाते । अमेरिका एक अकेला ऐसा देश है जिसके PR के लिए भारत जैसे देश के लोगो को कई सालो तक इंतज़ार करना पड़ता है(यह औसत इंतज़ार 150  साल तक का लम्बा भी हो सकता है ) । दुनिया में 934  Billion  Dollar  सिर्फ अपनी Military Power  पर खर्च करने वाला अमेरिका एक लौता देश है जिसकी Military को हराना दुनिया के किसी भी देश के लिए नामुम्किन है । दूसरी और चीन पूरी दुनिया की Manufacturing Hub बनके बैठा है । यहाँ तक की अपने कई प्रकार के उत्पादों के लिए अमेरिका भी चीन पर निर्भर है जिसमे Apple  जैसी Trillion Dollar ( Repeat : Not Billion , Its Trillion)  कंपनी भी शामिल  है ।


लगातार बढ़ाते Corona Virus Cases ने अमेरिका की एक तरह से कमर तोड़ कर रख दी है । पहले से समृद्ध अमेरिका की Health System पर एक साथ बोहोत सारा बोज आ गया है जो अमेरिका से भी संभाला नहीं  जा रहा। दूसरी और अमेरिका लगातार चीन पे Bio Attack  का इज़्ज़ाम लगा रहा है । अमेरिका के यह इज़्ज़ाम खा म खा लगाए जाने वाले इज़्ज़ाम भी नहीं है । कुछ सवाल है जो सभी की नींद उड़ा रहे है जैसे की...


चीन का Wuhan सहर Virology की Study के लिए चीन का एक अकेला सहर है जहा से Virus leak होने का दावा भी अमेरिका और UK  कई बार कर चूका है लेकिन इसमें यह प्रश्न अपने स्थान पर हैं की चीन अपनी Virology  की Study के लिए 2S  की security क्यों इस्तेमाल कर रहा है जबकि यह study के लिए कम से कम 4S Security वाली Labs चाहिए ।

जब दिसंबर में पहला केस चीन में आया तब Wuhan को lock down  करने से पहले दूसरे देश के लोगो को क्यों वापस जानबुज कर भेज दिया गया ?

ऐसे बोहोत सारे सवाल है जिसको लेकर अमेरिका और Europe  के देश लगातार  चीन पर हमला कर रहे है ।

शायद ऐसा भी हो सकता है की Military Power से अमेरिका जैसे देश को हराना मुमकिन नहीं है इसी लिए चीन ने यह साजिस की हो । खेर जो भी सचाई है । देखना यह है की अमेरिका और यूरोप को हारने के लिए चीन के द्वारा शुरु किया हुआ आर्थिक युद्ध क्या चीन को महासत्ता का दर्जा देगा या नहीं ।

FYI :
                 प्राचीन ग्रीस का Athens दुनिया का पहला ऐसा साम्राज्य है जिसने सत्तावर तौर पे लोकशाही को implement किया था । Athens के दो राजा थे जो दोनों ही लोकतंत्र द्वारा चुने गए राजा थे ।